Close Search

Buy Tickets for 2025 Kingdom Choice Awards

Dr Zakir Naik Vs Sri Sri Ravi Shankar Debate Full [top] In Hindi Jun 2026

इस बहस का कोई औपचारिक विजेता घोषित नहीं किया गया, क्योंकि दोनों विचारकों के समर्थक अपने-अपने गुरुओं के तर्कों से संतुष्ट थे। हालांकि, इस बहस ने समाज पर गहरा प्रभाव छोड़ा:

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्लाम के अनुसार ईश्वर (अल्लाह) एक है, निराकार है, और उसके जैसा कोई नहीं है (सूरा इखलास)।

दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि ईश्वर एक है।

यह बहस हमें सिखाती है कि अलग-अलग विचारधाराओं के होने के बावजूद, दो बड़े धार्मिक नेता एक मंच पर बैठकर शांतिपूर्वक संवाद कर सकते हैं। इसने दुनिया को दिखाया कि इस्लाम और हिंदू धर्म के मूल सिद्धांतों में ईश्वर को लेकर कई समानताएं मौजूद हैं। dr zakir naik vs sri sri ravi shankar debate full in hindi

The historic 2006 public dialogue between and Sri Sri Ravi Shankar remains one of the most discussed interfaith events in modern history. Titled "The Concept of God in Hinduism and Islam in the Light of Sacred Scriptures," it took place on January 21, 2006, at the Palace Grounds in Bangalore, India.

इस बहस से हमें क्या सीख मिलती है?

2. श्री श्री रवि शंकर का दृष्टिकोण: प्रेम, सर्वव्यापकता और आध्यात्मिकता हमें कमेंट में बताएं

इस बहस का कोई अंतिम "विजेता" घोषित नहीं किया गया, क्योंकि दोनों पक्षों के समर्थकों ने अपने-अपने गुरु के तर्कों को श्रेष्ठ माना। हालांकि, इस संवाद ने दुनिया भर के विचारकों को धर्मग्रंथों के तुलनात्मक अध्ययन के प्रति प्रेरित किया।

उत्तर: डॉ. नाइक ने 'निराकार ईश्वर' और 'तौहीद' (इस्लामिक मोनोलिथिज्म) पर जोर दिया, जबकि श्री श्री ने 'निराकार' और 'साकार' दोनों को ईश्वर के रूप में स्वीकार किया।

अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो, तो कृपया इसे शेयर करें। क्या आपके मन में इस बहस से जुड़ा कोई और सवाल है? हमें कमेंट में बताएं! at the Palace Grounds in Bangalore

आध्यात्मिक अनुभव और वैश्विक भाईचारा

एक विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु, आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक। वे तनाव मुक्ति, प्राणायाम, ध्यान (मेडिटेशन) और सार्वभौमिक मानवतावाद पर जोर देते हैं। उनका दृष्टिकोन सभी धर्मों का सम्मान करते हुए आध्यात्मिक उन्नति पर है, न कि धार्मिक तुलना पर।

हालाँकि यह बहस मूल रूप से अंग्रेजी में हुई थी, लेकिन इसके हिंदी और उर्दू डब किए गए वर्ज़न विभिन्न प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।