Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Full !!link!! Jun 2026

मुख्य जिनालय (Main Temple), गर्भगृह। हिंदी पाठ:

रायण वृक्ष के नीचे देवराज इंद्र द्वारा स्थापित प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) के प्राचीन चरण पादुका जी हैं। यहाँ तीसरा चैत्यवंदन होता है। चैत्यवंदन पाठ:

१. प्रथम चैत्यवंदन: श्री जयतळायु चैत्यवंदन (तलहटी)

अरिहंतों को नमस्कार, सिद्धों को नमस्कार, आचार्यों को नमस्कार, उपाध्यायों को नमस्कार, सब साधुओं को नमस्कार। यह पाँचों नमस्कार सब पापों का नाश करने वाला है और सब मंगलों में यह पहला मंगल है। palitana 5 chaityavandan in hindi full

क्या आप इन चैत्यवंदन के

चैत्यवंदन की सामान्य विधि प्रणाम:

नवाणु तीर्थयात्रा का अर्थ है कि तीर्थयात्री करता है, जिसमें कम से कम नौ बार 8-प्रकारी पूजा (अष्टप्रकारी पूजा) शामिल होती है, और प्रत्येक मार्ग पर कुछ चैत्यवंदन किए जाते हैं। इस संपूर्ण यात्रा में 108 बार चढ़ना और उतरना शामिल होता है। मुख्य जिनालय (Main Temple)

मुख्य प्रवेश द्वार, पर्वत की तलहटी। हिंदी पाठ:

मैं सब सिद्धों, महाबलवान्, लोक के प्रकाशक, दिव्य चक्र और उत्तम आसन वाले जिनेंद्र भगवान का वंदन करना चाहता हूँ।

पर्वत पर चढ़ते समय मार्ग में स्थित भगवान शांतिनाथ के मंदिर में यह वंदन किया जाता है। सिद्धों को नमस्कार

५. : यह चैत्यवंदन, जैन धर्म के एक प्रमुख तीर्थंकर, श्री पार्श्वनाथ जी को समर्पित है। यह चैत्यवंदन, पालीताणा के सबसे महत्वपूर्ण चैत्यवंदनों में से एक है।

क्या आप इन चैत्यवंदन के साथ बोले जाने वाले स्तवन (Stavan) स्तुति (Stuti)

भाव धरीने जे चढे, तेने भवपार उतारे।

यह पालिताना का एक अति विशिष्ट मंदिर है।

यह वंदन भगवान आदिनाथ के प्रथम गणधर पुंडरीक स्वामी के मंदिर में किया जाता है।